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तेज आंधी नहीं सह पाईं महाकाल लोक की मूर्तियां, सप्तऋषियों में से छह मूर्तियां गिरीं

-उज्जैन में दस से 25 फीट ऊंची मूर्तियों की हकीकत आई सामने

उज्जैन. मप्र में कई दिनों से जारी मौसम के बदलाव ने रविवार को उज्जैन में महाकाल लोक परिसर में लगी मूर्तियों की हकीकत सामने ला दी। शाम तकरीबन चार बजे चली तेज आंधी ने महाकाल लोक परिसर में लगाई गईं सात में से छह मूर्तियां गिर गईं। यहां हुए हादसे में कई श्रद्धालु बाल-बाल बच गए। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बिगड़ैल मौसम से हुए नुकसान की जानकारी तलब की है। उन्होंने उज्जैन कलेक्टर को फोन कर राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। इधर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने महाकाल लोक के निर्माण में हुए भ्रष्टाचार की जांच के लिए सात सदस्यों की टीम गठित की है। इसमें इसमें सज्जन सिंह वर्मा, रामलाल मालवीय, दिलीप गुर्जर, शोभा ओझा, महेश परमार, मुरली मोरवाल, केके मिश्रा को शामिल किया है। गौरतलब है कि 11 अक्टूबर 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाकाल लोक का लोकार्पण किया था। यहां स्थापित दस से 25 फीट ऊंची मूर्तियां लाल पत्थर और फाइबर रेनफोर्स प्लास्टिक से निर्मित हैं। यहां 190 से अधिक मूर्तियां लगाई गई हैं। महाकाल लोक परियोजना के पहले चरण में 310 करोड़ रुपए खर्च किए गए थे। दूसरे चरण में 778 की लागत से निर्माण कार्य किया जा रहा है। यहां परिसर का विस्तार करने के साथ ही सौंदर्यीकरण किया जा रहा है।
मूर्तियां गिरीं तो मचा हडक़ंप
महाकाल लोक में मूर्तियां गिरने की सूचना मिलते ही अधिकारियों में हडक़ंप मच गया। प्रशासनिक टीम ने श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर किया। कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम के अनुसार तेज आंधी के कारण मूर्तियां नीचे गिरी हैं। इन मूर्तियों की लाइफ दस साल से अधिक है। इन मूर्तियों का रखरखाव का काम कंपनी को करना है। कलेक्टर ने कहा कि घटना के लिए जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।

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