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चीता की चिंता: कूनो चीता प्रोजेक्ट का स्टाफ प्रशिक्षण लेने जाएगा दक्षिण अफ्रीका और नामीबिया

कूनो में चीता की मौतों के बाद की गई प्रोजेक्ट की समीक्षा

भोपाल. चीता स्टेट बने मप्र में पिछले दिनों हुई चीतों की मौतों ने राज्य और केंद्र सरकार को परेशानी में डाल दिया है। कूनो अभयारण्य में इन दक्षिण अफ्रीका और नामीबिया से चीते लाए गए थे। सोमवार को केंद्रीय वन पर्यावरण एवं जलवायु मंत्री भूपेंद्र यादव ने सीएम शिवराज सिंह चौहान के साथ चीता प्रोजेक्ट की समीक्षा की। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र सिंंह ने कहा कि प्रोजेक्ट के तहत चीता संरक्षण और प्रबंधन में जुटे अधिकारियों और कर्मचारियों को स्टडी टूर के लिए दक्षिण अफ्रीका और नामीबिया भेजा जाएगा, ताकि चीतों की देखरेख की बारीकियों को और बेहतर ढंग से समझा जा सके। इसके अलावा चीता प्रोटेक्टशन फोर्स के लिए केंद्र सरकार की ओर से वित्तीय संसाधन मुहैया कराए जाएंगे। बैठक में वन मंत्री डॉ. विजय शाह समेत अन्य अफसर मौजूद रहे।
कूनो अभयारण्य में हैं 17 चीते
कूनो अभयारण्य में वर्तमान में 17 चीते हैं। इनमें से सात चीते खुले में विचरण कर रहे हैं, जबकि 10 को बाड़े में रखा गया है। समीक्षा बैठक में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने यहां अतिरिक्त वन रक्षक और वनपाल की व्यवस्था करने का सुझाव दिया। बैठक में बताया गया कि नवंबर महीने तक गांधी सागर अभयारण्य को चीतों के वैकल्पिक रहवास के लिए भी तैयार किया जा रहा है। हालांकि कूनो की क्षमता के हिसाब से वहां चीते अभी भी कम हैं। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव छह जून को कूनो राष्ट्रीय उद्यान पहुंचकर वहां की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेंगे।
कूनो को मिलेंगे आधुनिक वाहन
समीक्षा बैठक में चीता प्रोजेक्ट के जरिये पर्यटन गतिविधियों को विस्तार देने पर भी चर्चा की गई। वन मंत्री डॉ. विजय शाह ने चीता मॉनीटरिंग में जुटे स्टाफ को आधुनिक वाहन मुहैया कराने का सुझाव दिया। बैठक में केंद्रीय वन महानिदेशक सीपी गोयल, एसीएस वन विभाग जेएन कंसोटिया समेत अन्य अधिकारियों की मौजूदगी रही।

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